नियमों की धज्जियां उड़ा रही कोल कंपनियां, रोजगार और पर्यावरण दोनों खतरे में, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन

 


स्थानीय युवाओं को रोजगार, बुनियादी सुविधाओ और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम शहडोल कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल।
शहडोल संभाग के ग्रामीणों ने कोयला खदान क्षेत्रों में बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं और बेरोजगारी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय ग्रामवासियों ने स्थायी रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन की मांग को लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसे संभागायुक्त शहडोल को भेजा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग, जिला उमरिया के पाली ब्लॉक के अंतर्गत कई बड़े उद्योग और खदानें संचालित हैं. जिनमें अल्ट्राटेक अर्जुनी नार्थ, जेएसडब्ल्यू सीमेंट मरवाटोला VI, सारडा मिनरल्स एनर्जी शाहपुर, रामा सीमेंट बिलासपुर मरवाटोला VII, महेश्वरी प्राइवेट लिमिटेड, जेके सीमेंट, गंगा खनिज जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। इन कंपनियों के संचालन से जहाँ प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा है, वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार से भी वंचित रखा जा रहा है।

ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि कंपनियाँ कोयला मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। स्थानीय युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है। वहीं ग्राम सभाओं की अनुमति लिए बिना खनन कार्य किया जा रहा है और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि —

  • प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार दिया जाए।
  • जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
  • कंपनियों द्वारा पर्यावरणीय मानकों और CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) का सख्ती से पालन कराया जाए।
  • ग्राम सभाओं की संविधानिक स्वीकृति और अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाए।

यह ज्ञापन ग्राम घुनधुटी, अर्जुनी, धौरई, बड़वाही, घघडार, मोहतराई, जमुड़ी, पहड़िया, मरवा टोला, शाहपुर, कुशमहाखुर्द, ओढ़ेरा, आमगार, खोलखमरा, बंधवाबारा, रौगढ़, ब्लाक पड़री मालाचुआ सहित अनेक गांवों के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर सौंपा।

ज्ञापन सौंपेते वक़्त राघवेंद्र सिंह, हरीशचंद्र पांडेय, राममनोहर पाण्डेय, सुभाष सिंह, राजकुमार सिंह, ग्रामपाल सिंह, गुरूदयाल सिंह, रानी सिंह, अशोक कुमार पटेल, दिलखुश बंजा, संजीत बेगा, राममोहन सिंह, तीरथ प्रसाद सिंह, गोविंद सिंह, रामनाथ सिंह सहित सैकड़ो ग्रामीणों मौजूद रहें।

ग्रामवासियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि क्षेत्र में रोजगार, पारदर्शिता और पर्यावरणीय न्याय सुनिश्चित कर ग्रामवासियों को उनका हक दिलाया जाए।


 

Tv11 Live News
Author: Tv11 Live News

Toggle Dark Mode