आनलाइन टास्क के नाम पर महिला से ₹ 42 लाख की ठगी, साइबर अपराधियों ने रचा बड़ा खेल…
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिले से एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला से ऑनलाइन टास्क पूरा कराने के नाम पर ₹ 42,09,237 की ठगी कर ली गई। पीड़िता ने अपनी शिकायत सायबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई है। मामला पुलिस ने पंजीकृत कर लिया है। साइबर पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है.
ठगी की शुरुआत व्हाट्सएप ग्रुप से
पीड़िता महिला वार्ड नं. 8 पांडव नगर कि निवासी हैं. जिनके पास 2 सितंबर 2025 को “VR155 Group” नामक अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप के एडमिन ने उन्हें बताया कि “Youtube पेज पर Like और Subscribe” करने के टास्क पूरे करने पर उन्हें भुगतान मिलेगा।
पहले छोटे टास्क के लिए ₹150 का वादा किया गया, जो उन्हें तुरंत मिल भी गया। इससे महिला का भरोसा बढ़ गया और उन्होंने आगे के टास्क करना शुरू कर दिया।
टास्क के नाम पर बढ़ता जाल
धीरे-धीरे ग्रुप के एडमिन ने उन्हें “प्रॉफिट” बढ़ाने के बहाने ₹2,000, ₹15,000, ₹50,000, ₹1,50,000 और ₹3,00,000 जैसे टास्क ऑफर किए।
हर बार कहा गया कि “टास्क पूरा करने के बाद डबल रकम वापस मिलेगी।” लेकिन जैसे-जैसे रकम बढ़ती गई, ठगी का दायरा भी बढ़ता गया।
महिला ने आखिरी टास्क के रूप में ₹3,00,000 तक जमा किए, और जब उन्होंने “Withdrawal” करने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि पहले “AVC Credit Score” और “Bank Verification” पूरी करनी होगी. जिसके लिए और ₹6,00,000 मांगे गए।
कुल ठगी ₹42 लाख से अधिक
महिला ने धीरे-धीरे कुल ₹42,09,237 जमा कर दिए, लेकिन न तो पैसा वापस मिला और न ही कोई मुनाफा।
जब सभी लिंक, नंबर और ग्रुप गायब हो गए, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड की शिकार हो गई हैं।
साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज
पीड़िता ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि ठगों ने व्हाट्सएप नंबर 6263825559 और 7089195567 का उपयोग किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक रिपोर्ट धारा 318(4) BNS के अंतर्गत दर्ज की गई है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेल की जांच में जुटी है।
साइबर सेल की अपील
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि “ऑनलाइन कमाई, टास्क या निवेश” जैसे आकर्षक ऑफ़र से सावधान रहें।
कोई भी कार्य करने या पैसा भेजने से पहले उस वेबसाइट, ऐप या व्यक्ति की सत्यता अवश्य जांचें।
यदि आपके साथ भी कोई ऐसी घटना होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।





