प्रदेश युवा कांग्रेस में यश की ताजपोशी, तो शहडोल में अनुपम गौतम की धमाकेदार वापसी

The mukhbir राहुल सिंह राणा-डेस्क मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश की युवा कांग्रेस राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया अब मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के नए अध्यक्ष बन गए हैं। जबलपुर निवासी यश ने 3 लाख 13 हजार वोट पाकर पहला स्थान हासिल किया। भोपाल के अभिषेक परमार दूसरे और सीधी के देवेंद्र दादू तीसरे स्थान पर रहे, जबकि ग्वालियर के शिवराज यादव चौथे स्थान पर रहे। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेहद करीबी माने जाते हैं, के बेटे के प्रदेश अध्यक्ष बनने से कांग्रेस खेमे में उत्साह और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं। इंटरनल चुनाव में प्रदेश महासचिव से लेकर ब्लॉक स्तर तक के पदों पर भी परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। धीरज सिंह परिहार को प्रदेश महासचिव चुना गया है। इस बार युवा कांग्रेस के इंटरनल चुनाव में 55 पदों के लिए 182 उम्मीदवार मैदान में थे। 18 अप्रैल से शुरू हुए सदस्यता अभियान में 15 लाख युवाओं ने यूथ कांग्रेस की सदस्यता ली थी।

शहडोल में अनुपम गौतम की धमाकेदार वापसी


संगठन के प्रति समर्पण और युवाओं में लोकप्रिय छवि के दम पर अनुपम गौतम ने एक बार फिर युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का पद अपने नाम किया है। हाल ही में संपन्न हुए युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चुनाव में उन्होंने 3636 वोट हासिल करते हुए प्रतिद्वंद्वियों पर शानदार जीत दर्ज की। यह लगातार दूसरा कार्यकाल है जब शहडोल जिले की कमान उन्हें सौंपी गई है।

मतगणना पूरी होने के बाद जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने ढोल-ढमाकों के साथ जश्न मनाया और अपने नेता को माला पहनाकर स्वागत किया।

विजय के बाद अनुपम गौतम ने कहा — “यह जीत कांग्रेस के हर उस कार्यकर्ता की है, जिसने संगठन को मज़बूत बनाने में अपना पसीना बहाया। मेरा लक्ष्य युवाओं को राजनीति और समाजसेवा के केंद्र में लाना है।”

प्रदेश युवक कांग्रेस नेतृत्व ने अनुपम गौतम को लगातार दूसरी बार जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।

शहडोल जिले में अनुपम गौतम की सक्रियता और जमीनी जुड़ाव को ही उनकी सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका दोबारा अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि संगठन में उनका प्रभाव और विश्वास पहले से

शहडोल जिले में अनुपम गौतम के साथ
प्रदेश सचिव पद पर अभिषेक शुक्ला चुने गए हैं। वहीं जिला महासचिव पद पर श्रीनमो गर्ग, निशांत जोशी, शेख आबिद, मोहसिन अलीम खान, रिदा परवीन सहित कई युवा नेताओं ने जीत दर्ज की।

विधानसभा स्तर पर भी युवा चेहरों ने बाजी मारी

जयसिंहनगर से शेख साजील, ब्यौहारी से विक्रम कोल, जैतपुर से अभिषेक वर्मा, सोहागपुर से प्रियांशु चौबे, सिंहपुर से शिवम यादव, अमझोर से अभिषेक त्रिपाठी, बुढ़वा से कृष्णपाल रैदास, देवलोंद से उत्कर्ष सिंह, करकी से संजय गुप्ता, पपौंध से रामलखन यादव, बुढ़ार से अभिषेक यादव, जैतपुर से आशीष मिश्रा, खैरहा से दीपक मिश्रा, और केशवाही से सचिन द्विवेदी विजयी रहे।


मानवेंद्र को अनूपपुर तो अनुराग सिंह को उमरिया की जिम्मेदारी

जिला युवक कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में परिणाम घोषित होते ही क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हो गया है। अनूपपुर जिले से मानवेंद्र मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 4406 मत प्राप्त कर युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का पद अपने नाम किया। वहीं उमरिया जिले में अनुराग सिंह ने 5418 मतों से जीत दर्ज कर जिले की कमान संभाली।

इन चुनावों में युवाओं का जोश देखने लायक रहा। मतदान से लेकर परिणाम तक समर्थकों में उत्साह का माहौल बना रहा। चुनाव अधिकारी की देखरेख में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मतगणना की गई, जिसके बाद विजेताओं की घोषणा की गई।

जीत के बाद मानवेंद्र मिश्रा ने कहा कि – यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और कांग्रेस विचारधारा में विश्वास की जीत है। मैं जिले के हर युवा की आवाज़ बनकर काम करूंगा।”

वहीं उमरिया के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुराग सिंह ने कहा – “युवाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।”

प्रदेश युवक कांग्रेस नेतृत्व ने दोनों जिलों के नए अध्यक्षों को बधाई देते हुए आशा जताई कि संगठन उनके नेतृत्व में और अधिक सक्रिय व सशक्त बनेगा।

इन चुनावी परिणामों के बाद दोनों जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और मिठाई बांटकर अपनी खुशी व्यक्त की।

कांग्रेस में चुनाव बस औपचारिकता -आशीष

यश घनघोरिया की जीत पर भाजपा ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा…

“कांग्रेस में पद मेहनत से नहीं, वंश और पट्ठावाद की परंपरा से तय होता है। संगठन चुनाव महज़ औपचारिकता हैं, अंतिम फैसला हमेशा परिवार ही करता है।” भाजपा के इस बयान ने कांग्रेस के अंदरूनी लोकतंत्र पर फिर सवाल खड़ा कर दिया है।

कांग्रेस के लिए चुनौती और अवसर दोनों

युवा कांग्रेस में यह नया नेतृत्व जहां संगठन में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है, वहीं “वंशवाद” के आरोप पार्टी के लिए चिंता का विषय हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यश घनघोरिया को अब अपनी योग्यता और नेतृत्व क्षमता से यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ “वंशज” नहीं, बल्कि “युवा कांग्रेस के विजनरी चेहरा” हैं।

मध्यप्रदेश की युवा कांग्रेस के इस चुनाव ने एक बार फिर दिखा दिया है कि राजनीति में युवा शक्ति की भूमिका बढ़ रही है, लेकिन आलोचकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि यह “युवा नेतृत्व” कितना स्वतंत्र और प्रभावी साबित होता है।

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Author: Tv11 Live News

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