The mukhbir शहडोल-झीकबिजुरी। अंधविश्वास की अंधी दौड़ ने फिर एक निर्दोष की जान ले ली। झीकबिजुरी चौकी क्षेत्र के कुटेला ग्राम में बीती रात 45 वर्षीय महिला प्रेम बाई की उसके ही बेटे सतेंद्र (25) और भतीजे ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। परिजन और गांव के कुछ अन्य लोग उसे जादू-टोना करने वाली बता रहे थे।
घटना बीती रात की बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका प्रेम बाई पर लंबे समय से जादू-टोना करने का शक जता रहे थे। इसी वहम के चलते गुरुवार देर रात उसका बेटा और भतीजा सहित कुछ लोगों ने मिलकर उसकी कुल्हाड़ी, लाठी-डंडो से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को पास के खेत में ले जाकर गुपचुप तरीके से दफना दिया, ताकि किसी को भनक न लगे। लेकिन मोटरसाइकिल में इन्हें शव को ले जाते हुए गांव के सरपंच ने देख लिया जिसकी सूचना सरपंच द्वारा संबंधित चौकी पर दी गई.
सुबह ग्रामीणों को शक हुआ जब प्रेम बाई घर पर नहीं मिली। सरपंच की सूचना देने के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और खोजबीन किया तो आरोपियों ने बताया महिला की हत्या करने के बाद उसे खेत में ही दफना दिया है. जानकारी मिलते ही झीकबिजुरी चौकी पुलिस मौके पर पहुँची और खुदाई करवाई, जिसमें महिला का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए 5 में 2 आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जादू-टोना के शक में हत्या की बात कबूल की है।
क्षेत्र में इस घटना से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दोनों है कि 21वीं सदी में भी अंधविश्वास इस हद तक हावी है कि एक माँ की जान उसके अपने ही हाथों से चली गई।
एडिशनल एस.पी. शहडोल अभिषेक दीवान ने बताया कि, “मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है अन्य तीन की तलाश जारी है”
इस घटना ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शिक्षा और जागरूकता के अभाव में अंधविश्वास आज भी समाज में जड़ें जमाए हुए है, जो निर्दोषों की बलि ले रहा है।
- The mukhbir- क्राइम रिपोर्टर शहडोल





