सुनील गुप्ता पर बुजुर्ग माँ की बीमारी का फायदा उठाकर जमीन हड़पने का आरोप.

 

शिकायतकर्ता सतीश विश्वकर्मा

The mukhbir-शहडोल, मध्यप्रदेश। जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने वृद्ध माँ की बीमारी और लाचारी का फायदा उठाकर कथित रूप से उनकी जमीन अपने नाम करा ली। यह मामला जिले के ग्राम पंचायत पचगांव, वार्ड नंबर 04 का बताया जा रहा है। प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, पीड़ित पक्ष प्रार्थी सतीश विश्वकर्मा पिता स्व रामनाथ विश्वकर्मा निवासी पचगांव वार्ड नं. 04, शहडोल ने आरोप लगाया है कि सुनील गुप्ता पिता श्रीनिवास गुप्ता निवासी वार्ड न 4 स्कूल के पास द्वारा जालसाजी, धोखाधड़ी, छल-कपट, कुटरचना कर उसकी और उसकी माता की जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी माँ लंबे समय से बीमार थीं और इलाज के लिए पैसे की अत्यंत आवश्यकता थी। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए ज़मीन के दलाल सुनील गुप्ता ने कहा कि वह कुछ जमीन बेचने में मदद करेगा। इस दौरान उसने भरोसे में लेकर कई कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए।

दस्तावेज़ के मुताबिक विशेष ग्राम पचगांव के खसरा नंबर 478/1/2 संबंधित जमीन का कुल क्षेत्रफल लगभग 0.0310 हेक्टेयर था, जिसका एक किता का सौदा प्रार्थी द्वारा सुनील गुप्ता से किया गया था. जिसकी कीमत ₹ 3,00,000 बताई गई थी। जिसका भुगतान सुनील गुप्ता द्वारा ₹ 1,50,000 (डेढ़ लाख रुपए) खाते में और ₹ 1,50,000 (डेढ़ लाख रुपए) नगद प्रार्थी को ई-पंजीयन कार्यालय में दिया गया था। बाकी बची जमीन का सौदा प्रार्थी द्वारा सुनील गुप्ता से नहीं किया गया था. इस जानकारी प्रार्थी को बाद में पता चला कि सुनील गुप्ता ने बिना जानकारी दिए धोखाधड़ी और छलकपट करते हुए रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली, जबकि असली सौदा केवल आंशिक भूमि के लिए तय हुआ था।

धोखाधड़ी और छल का आरोप

प्रार्थी का आरोप है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान सुनील गुप्ता ने विश्वास का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेज़ों में हेराफेरी की। उसने कई खसरा नंबरों वाली पूरी जमीन अपने नाम दर्ज करा ली, जिनमें खसरा नंबर 117/1/2 रकवा 0.0120 हे., खसरा नंबर 119/1/2 रकवा 0.0260 हे., खसरा नंबर 270/1/2 रकवा 0.0160 हे., खसरा नंबर 327/1/2 रकवा 0.0610 हे., खसरा नंबर 329/1/2 रकवा 0.0060 हे. कुल 5 किता शामिल हैं। जब प्रार्थी मां की बीमारी को लेकर परेशान था उसे दौरान सुनील गुप्ता द्वारा फर्जी तरीके से धोखाधड़ी और छल कपट करती हुई प्रार्थी की पूरी जमीन को अपने नाम फर्जी तरीके से कर लिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप हैं कि उसे रजिस्ट्री के समय असल दस्तावेज़ दिखाए ही नहीं गए, बल्कि जल्दबाजी में हस्ताक्षर करवाकर पूरी ज़मीन अपने कब्जे में ले लिया गया।

परिवार पर दुखों का पहाड़

घटना के कुछ ही दिनों बाद, प्रार्थी की माता का लंबी बीमारी के चलते 23 फरवरी 2025 को जिला अस्पताल शहडोल में इलाज के दौरान निधन हो गया। बीमारी से माँ कि मौत और धोखाधड़ी के दोहरे आघात से परिवार बुरी तरह टूट गया है। प्रार्थी ने जिला प्रशासन से न्याय की मांग की है. और ज़मीन के दलाल सुनील गुप्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

प्रशासन से कार्रवाई की अपील

प्रार्थी ने जिला कलेक्टर शहडोल को एक लिखित आवेदन देकर अनुरोध किया है कि धोखाधड़ी से की गई रजिस्ट्री को निरस्त किया जाए, और दोषी के खिलाफ धोखाधड़ी व छल से संपत्ति हड़पने के आरोप में कानूनी कार्रवाई हो।

यह मामला प्रशासनिक जांच के अधीन है, और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन हड़पने के बढ़ते मामलों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करेगा, क्या अब बीमार बुजुर्गों की संपत्ति भी जमीन के दलालों से सुरक्षित नही.

वही सुनील गुप्ता का कहना है कि आरोप निराधार हैं. सतीश द्वारा जितने जमीन का सौदा तय हुआ था मेरे द्वारा उतने जमीन की ही रजिस्ट्री कराई गई है.

The mukhbir से चंदन कुमार वर्मा कि रिपोर्ट

Tv11 Live News
Author: Tv11 Live News

Toggle Dark Mode