चंदन कुमार वर्मा, शहडोल (मध्यप्रदेश)। जिले के ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बैंक मित्र कविता साहू एवं उनके पति रामप्रताप साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि दोनों द्वारा समूहों की ऋण राशि का दुरुपयोग किया गया है. और स्वयं के हित में धनराशि का इस्तेमाल करते हुए नियमों का उल्लंघन किया गया है।
महिलाओं ने संभागायुक्त शहडोल, जिला कलेक्टर शहडोल एवं जिला प्रबंधक आजीविका मिशन शहडोल को ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
समूह कि महिलाओं का आरोप
ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूह ग्राम उमरिया, पधार, धौनौहा, पलसऊ, बरकोड़ा के सदस्यों ने आरोप लगाया है. कि कविता साहू, जो पहले ग्राम संगठन की अध्यक्ष रह चुकी हैं, ने समूहों को मिलने वाले ऋण की राशि का गलत इस्तेमाल किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने समूहों से 10% प्रतिशत कमीशन लेकर स्वयं एवं अपने परिवार के निजी कार्यों में धन का उपयोग किया।
इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बैंक मित्र के पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने बिना समूह की बैठक और सहमति के CCL (कैश क्रेडिट लिमिट) राशि का भी संचालन किया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि इनकी कार्यप्रणाली से समूह की महिलाओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा है और कई महिलाओं के खाते से बिना अनुमति राशि निकाली गई है।
पति पर भी लगे आरोप
आरोप पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कविता साहू के पति रामप्रताप साहू ने बैंक और समूहों के कामकाज में दखल देकर अनुचित तरीके से लाभ उठाया।
सदस्यों का कहना है कि दंपति द्वारा मिलकर समूहों की निधि का उपयोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया. जिसमें घर, वाहन, और जमीन की खरीद भी शामिल है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि इन दोनों के पास लगभग लाखों रुपये से अधिक की संपत्ति है, जबकि उनकी आय का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं है।
महिलाओं ने इस पूरी संपत्ति और बैंक लेनदेन की जांच कराने की मांग की है।
महिलाओं ने क्या कहा
समूह की महिलाओं ने बताया कि “कई बार विरोध के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बैंक अधिकारियों और आजीविका मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
उन्होंने कहा कि “अब हम चाहते हैं कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।”
महिलाओं ने शिकायत पत्र में यह मांग की गई है कि…
• कविता साहू और रामप्रताप साहू के सभी लेनदेन और बैंक खातों की जांच की जाए।
• बैंक शाखा के CCTV फुटेज और रिकॉर्ड की पड़ताल की जाए।
• समूहों के फर्जी हस्ताक्षर और बिना बैठक के लिए गए CCL रजिस्टर की जांच कराई जाए।
महिलाओं ने ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर शहडोल, जिला प्रबंधक आजीविका मिशन, तथा वरिष्ठ अधिकारी आजीविका मिशन भोपाल को भेजी है।
ग्राम संगठन की महिलाओं का यह आरोप पत्र ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूहों में पारदर्शिता की कमी और निगरानी तंत्र की कमजोरियों को उजागर करता है।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है. क्योंकि इस मामले ने जिले के कई समूहों में असंतोष की लहर पैदा कर दी है।





